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Monday, March 2, 2020

Mayavi Danav Panchtantra Ki Kahani

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Mayavi Danav Panchtantra Ki Kahani

Mayavi Danav आज से 50 साल पहले डकैतों का संघगठन हुआ करता था। इस संघगठन मे लगभग 10 लोग हुआ करते थे और ये डकैत गरीबो को लूटा करते थे। उस समय पर डकैत सिर्फ घोड़ो पर ही आया जाया करते थे क्योकि उस समय मे कार और मोटरसाइकिल जैसी सुविधा बहुत ज्यादा कम थी इसलिए डकैतों की सबसे अच्छी सवारी घोड़े हुआ करती थी क्योकि आप अच्छी तरह से जानते ही होंगे और आपने फिल्मों मे भी ऐसा होता हुआ देखा होगा। उस पर पुलिस भी इतनी ज्यादा सक्रिय नहीं हुआ करती थी इसलिए डकैतों के संघगठन पनप रहे थे।
इन 10 को धन दौलत का इतना मोह था कि यह डकैत किसी हद तक जाने को तैयार रहते थे। इन डकैतों ने सेकड़ों घरों को बर्बाद कर दिया था। सेकड़ों बच्चो को यतीम और सेकड़ों महिलाओ को इन्होने विधवा बना दिया था। ये डकैत अपनी दौलत की भूख के आगे इतने बेरहम हो गए थे कि इनको दौलत के आगे कुछ भी दिखाई नहीं देता था। इनके आगे चाहे बच्चा आ जाए या फिर कोई गर्भवती ये डकैत इन पर भी रहम नहीं दिखाते थे। इन्होने ने सेकड़ों घरों मे आग लगाकर हजारो लोगो का कत्लयाम किया था।
ये डकैत रात के अंधेरे मे गाँव मे घुसकर गरीबो को लूटा करते थे और उन गरीबो के साथ आत्याचार किया करते थे। ये इनका रोजाना का पैसा बन चुका था। ये 10 डकैत दौलत के नशे मे आदमखोर बन चुके थे। ये गरीबो का पैसा लूटकर अपनी Danavi भूख को मिटाते थे।

एक बार इन डकैतों का संघगठन एक गाँव की तरफ उस गाँव को लूटने के लिया रवाना हो जाता है उस समय रात का अंधेरा होता है और ये डकैत उस गाँव मे दाखिल हो जाते है लेकिन क्या देखते है कि इस गाँव मे दूर- दूर तक कोई नजर नहीं आता है केवल एक बुजुर्ग उस गाँव मे खाट पर बैठा हुआ दिखाई देता है। इन डकैतों को आश्चर्य होता है कि ऐसा हमने आज से पहले कभी नहीं देखा कि गाँव मे सिर्फ एक आदमी रहता है वो भी बुजुर्ग। ये सभी डकैत उस बुजुर्ग के पास पहुचे और पूझा की इस गाँव के लोग कहा गए है।
बुजुर्ग को तो पहले से ही पता था कि इस गाँव के लोग कहा गए है लेकिन यह बात उस बुजुर्ग ने उन डकैतो से छिपा ली ताकि उन सभी गाँव वालों की जान बच सके ताकि वह अपने आप को उन डकैतों से अपने बच्चे और परिवार को बचा सके।

वह बुजुर्ग काफी ज्यादा शातिर था और उसकी उम्र 85 साल थी। इस बुजुर्ग ने पहले से ही योजना बना ली थी कि इन डकैतों को ठिकाने कैसे लगाया जाए। 
इस योजना के हिसाब से बुजुर्ग ने डकैतो के आने से पहले ही एक पहले सभी गाँव वालों को यह कहकर उस गाँव से भगा दिया था क्योकि उस बुजुर्ग को अंदाजा था कि कभी न कभी इस गाँव मे वह डकैत जरूर ही कदम रखेंगे। योजना के हिसाब से सभी गाँव के परिवार के लोगो को जंगल की और रवाना कर दिया था और अपनी जान की परवा किए बिना यह बुजुर्ग उन डकैतो को ठिकाना लगाना चाहता था।
उस बुजुर्ग ने एक ऐसी खतरनाक योजना बनाई थी कि उन डकैतो को उस योजना मे अपने जाल मे फसाना था और उन डकैतो को जड़ से खत्म करना था। बुजुर्ग की योजना मे था कि उस गाँव से 150 किलो मीटर दूर एक पहाड़ी थी उस पहाड़ी के नीचे एक गुफा थी जो बहुत ही ज्यादा खतरनाक थी। उस बुजुर्ग को पता था कि उस गुफा मे किसी का जाना बेहद ही खतरनाक हो सकता है क्योकि उस गुफा के अंदर 7 खूनी दरवाजे थे जहा पर एक दरवाजे मे एक खूंखार शैतान रहा करता था।
उस गाँव मे बैठे बुजुर्ग से उन डकैतों ने पूझा की इस गाँव के लोग कहा गए है।
बुजुर्ग ने जबाब दिया:- इस गाँव के लोग एक खजाने की तलाश मे गए है जहा पर बहुत सारा सोना, चाँदी, हीरे और मोती छिपे हुए है। बुजुर्ग ये भी कहा कि मे भी उस खजाने को प्राप्त करना चाहता था लेकिन मुझसे इतनी दूर चला नहीं जाएगा।

डकैतों ने उस बुजुर्ग की बातों को सुना और बाद मे बुजुर्ग से कहा क्या ये सही बात है तो बुजुर्ग ने कहा हाँ ये सही बात है तो डकैतो को उस बुजुर्ग की बात पर भरोषा हो गया था जब उनको लगा की बकाई मे वहा पर खजाना छिपा है तो उस बुजुर्ग को वही पर कत्ल कर देते है और सुबह होते ही वह डकैत अपनी मंजिल की और निकल पड़ते है। साथ मे खाने पीने का समान भी ले लेते है ताकि रास्ते मे कुछ खा सके क्योकि 150 किलो मीटर दूर वह पहाड़ी थी जो की वहा पहुचने के लिए दो से तीन तो लगता।
3 दिन के अंतराल मे ये 10 डकैत उस पहाड़ी तक पहुचे। 10 डकैत उस पहाड़ी तक तो आसानी से पहुच तो गए और उस गुफा को तलाशने लगे जहा पर खजाना पड़ा हुआ था। वह सभी डकैत अलग- अलग रस्तों से उस गुफा की तलाश करने लगे। बड़ी मेहनत करने के बाद इनको वह गुफा दिखाई दी जब यह गुफा इनको दिखाई दी तब इन्होने खुशी मे नृत्य करना शुरू कर दिया। अब ये डकैत सोचने लगे थे कि अब हमे ये खजाना मिल गया है और हम सबसे अमीर व्यक्ति बन जाएंगे।
नृत्य कर- कर उस गुफा के अंदर यह 10 डकैत घुस जाते है और उस गुफा के अंदर कुछ दूरी पर जाते है तो उस गुफा मे रात के अंधेरे के तरह नजारा दिखाई दे रहा था। तब इन्होने उस अंधेरे को दूर करने के लिए कुछ वस्तु को जलाकर कर उस गुफा मे प्रकाश किया। जब इस गुफा मे कुछ हद तक अंधेरा जा चुका था तब यह डकैत आगे की और बढ्ने लगे थे। कुछ दूरी पर जाकर इनको 7 दरवाजे दिखाई दिये और ये डकैत हैरान हो गए कि अब क्या किया जाए।

इन 10 डकैतों ने सबसे पहले इन दरवाजों अच्छे से देखा और धीरे- धीरे इन दरवाजो के पास पहुचे। इनको दरवाजो मे दिखा की सभी दरवाजों मे ताले लगे हुये थे। इन डकैतो को दौलत से इतना प्यार था कि इनसे कुछ समय तक रुका भी नहीं जा रहा था। इन्होने पहला दरवाजा का ताला पत्थर मार- मार के तोड़ा और अंदर जाकर देखा लेकिन उस दरवाजे के अंदर इनको कुछ नजर नहीं आया वल्कि वहा पर चिमकागड़े उल्टी लटकी हुई थी। इन्होने उस दरबाजे का अंदर का कमरा सारा तलाशा लेकिन इनको कुछ हाथ नहीं लग पाया।
ऐसे ही करके इन्होने 6 दरबाजे खोल लिए थे लेकिन इनको इन दरबाजों के अंदर भी कुछ नहीं मिला और ये सभी डकैत हार गए और कुछ देर आराम करने लगे। इन 6 दरबाजों को खोलने के लिए इनको 15 घंटे लगे। 15 घंटे बीतने के बाद ये 7 वा दरबाजा भी खोलने जा रहे थे। दिन मे ये सभी गुफा मे घुसे थे और 6 दरबाजों को खोलते- खोलते इनको रात हो गई थी। 7 वा दरबाजा खोलने ही जा रहे थे तब इनको उस दरबाजे के ताले मे कुछ अजीब चीज सी नजर आई। उस दरबाजे के ताले पर कुछ मंत्र तंत्र जैसी कुछ अजीब सा नजर आ रहा था।
इन 10 डकैतों ने उस चीज को नजर अंदाज कर दिया और वह 7 वा दरबाजा का ताला तोड़ने लगे। जैसे ही ताला टूटता है वैसे ही वह उस दरबाजे के अंदर चले जाते है क्योकि इन्हे खजाना पाने की बहुत जल्दी थी। जब अंदर देखते है तो अंदर कुछ भी नहीं दिखता लेकिन एक बहुत बड़ा बक्सा सा पड़ा हुआ दिखाई देता है। ये 10 डकैत वही पर रुक जाते है और आपस मे सलाह मशहूरा करने लगते है और आखिर मे निर्णय करते है इस बक्से के अंदर ही खजाना छिपा होगा अब इसे ही खोलना चाहिए। इन 10 आदमी मे से एक को कहा जाता की इस बक्से को खोलकर देखो ताकि इसमे खजाना छिपा हो तो एक डकैत उस बक्से को खोलने लगता है जब वह बक्सा खोल लेता है तो उसे एक मरा हुआ शैतान दिखाई पड़ता है जो उस बक्से मे सोया हुआ रहता है।

ये 10 के 10 डकैत उस शैतान को देखते है और वहा से जल्दी से भागने की योजना बनाने लगते है उन्हे एहसास हो गया था कि ये शैतान अभी सोया हुया है और कभी भी ये जाग सकता है। अगर ये शैतान जाग गया तो हमे कच्चा ही खा जाएगा ये बहुत तेज़ी से गुफा से बाहर निकलने की कोशिश करते है और आधे रास्ते तक ही पहुचते तब तक वह शैतान इनके सामने हाजिर हो जाता है। वह शैतान इतना भयानक दिखाता है कि कुछ डकैत इसको देखते ही बेहोश हो जाते है और कुछ डकैतों की पतलूम पीले हो जाती है। 
ये डकैत भागने की कोशिश तो बहुत करते है लेकिन उस खतरनाक शैतान सामने भाग नहीं पाते है। वह शैतान आखिर मे सबको मार देता है और कच्चा ही खा जाता है जो इन डकैतों ने गरीबो के साथ किया था ऊपर वाले उससे भी बड़ा बदला लिया।

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