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Wednesday, March 25, 2020

सच्ची दोस्ती | Heart Touching Friendship Story In Hindi

सच्ची दोस्ती - दिल को छू लेने वाली दोस्ती की कहानी!

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सच्ची दोस्ती | Heart Touching Friendship Story In Hindi

सच्ची दोस्ती: एक समय की बात है दो मित्र  हुआ करते थे, वे बहुत ही बहादुर और समझदार थे। उनमें से एक ने सभा के दौरान अपने राजा के अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई। राजा बहुत ही कठोर था। खुद के विरोध में उठी आवाज़ को सुनकर वह सहम गया  और उसने उस नौजवान को मृत्युदंड दे दिया!

नौजवान ने राजा से विनती कि – “आप जो कर रहे हैं वह ठीक है। मैं खुशी से मौत की गोद में चला जाऊंगा, लेकिन आप मुझे कुछ देर कि मोहलत दे दीजिए, जिससे मैं गांव जाकर अपने बच्चों से मिल आऊं”
राजा ने कहा – “नहीं, मैं तुम्हारी बात पर कैसे विश्वास करू?”

उस नौजवान का मित्र वहां मौजूद था, वह आगे आकर बोला – “मैं अपने इस दोस्त की जमानत देता हूं, अगर यह लौटकर न आए तो आप इसके बदले मुझे फांसी पर चढ़वा देना”
राजा सोच में पड़ गया, उसने अपने जीवन में ऐसा कोई आदमी नहीं देखा था, जो दूसरों के लिए अपनी जान देने को तैयार हो जाए।

राजा ने नौजवान कि बात मान और स्वीकृति दी, उसे 5 घण्टे की मौहलत दी गई। नौजवान घोड़े पर सवार होकर अपने गांव को रवाना हो गया और उसके दोस्त को कारागाह में बंद कर दिया गया।
नौजवान ने हिसाब लगाकर देखा कि वह लगभग 4 घंटे में लौट आएगा, लेकिन बच्चों से मिलकर वापस आते वक्त उसका घोड़ा ठोकर खाकर गिर गया और घायल हो जाने के कारण फिर उठा ही नहीं। नौजवान को भी

बहुत चोटें आई, पर उसने एक पल के लिए भी हिम्मत नहीं हारी।
5 घण्टे का समय भी बीत गया, किंतु वह नौजवान नहीं लोटा, तो उसका दोस्त बहुत खुश हुआ। आखिर उसके लिए इससे बढ़कर क्या बात होती कि दोस्त-दोस्त के काम आए। वह निरंतर ईश्वर से प्रार्थना करने लगा कि उसका मित्र वापिस न लौटे। फाँसी का समय हो चुका था। मित्र को फांसी के तख्ते के पास लाया ही गया था कि नौजवान वहां पहुंच गया।

नौजवान ने अपने दोस्त से कहा – “लो मैं आ गया, अब मुझे विदा दो और तुम घर जाओ”
दोस्त ने कहा – “यह नहीं हो सकता, तुम्हारा समय पूर्ण हो गया पर तुम लौटे नहीं
नौजवान ने कहा – “यह तुम क्या कह रहे हो! सजा तो मुझे मिली है”
दोनों मित्रों की दोस्ती को राजा बड़े गौर से देख रहा था। राजा का मन भी पिघल गया, उसकी आंखें भर आईं। उसने उन दोनों को बुलाकर कहा – “तुम्हारी दोस्ती ने मेरे दिल पर गहरा प्रभाव डाला है। जाओ, मैनें तुम्हें माफ किया”

आज दोनों वापस अपने गांव का चले गया!

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