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Tuesday, February 11, 2020

Khooni Aatma

Khooni Aatma

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Khooni Aatma Ka Badla

संदीप पढ़ने में बहुत तेज था,साथ ही स्वभाव से शर्मीला भी था उसके शर्मीले स्व्भाव की वजह से उसके ज्यादा दोस्त नहीं थे,वो बहुत ही काम बोलता था,बस अपने काम से काम मतलब रखता था और पूरी लगन के साथ पढ़ाई किया करता था,जिसकी वजह से क्लास में हमेशा फर्स्ट आया करता था। कुछ दिनों से वो परेशान था,उसे परेशान देख कर उसी के साथ पढ़ने वाला उसका दोस्त नवनीत उससे वजह पूछा तो संदीप बात को टाल गया,लेकिन नवनीत के बार बार पूछने पर संदीप ने जब वजह बताई तो नवनीत हैरान रह गया। संदीप ने बताया की स्वेता,जो उसी क्लास में पढ़ती है,कुछ दिनों से उससे बात करने की कोशिश कर रही है, हमेशा उसकी तरफ ही देखा करती है,ना चाहते हुए भी वो स्वेता को मना नहीं कर पा रहा है,जिसकी वजह से उसकी पढ़ाई रुक रही है,वो जहाँ भी जाता है,स्वेता उसके पीछे पहुँच जाती है और उससे बात करने की कोशिश करती है, लेकिन वो उससे बात नहीं करना चाहता है,जिसकी वजह से वो परेशान है। नवनीत ने जब ये सुना तो संदीप को बोला की उसे बोल दो की उसे उससे कोई बात नहीं करनी और ना ही उसे उससे कोई मतलब रखना है,संदीप ने बताया की वो ये बात उसे बोल चूका है,लेकिन वो उससे दोस्ती करने की जिद कर रही है। नवनीत ने संदीप को समझाया की वो स्वेता से दूर ही रहे,स्वेता की वजह से उसकी पढ़ाई कम हो जाएगी,साथ ही ये भी बताया की हो सकता है स्वेता तुम्हे परेशान करके तुम्हारी पढ़ाई हार्म करना चाहती हो ।संदीप इस बात को मान गया और स्वेता से दूर ही रहने लगा, लेकिन नवनीत ने ऐसा क्यों किया,इसकी वजह थी,नवनीत स्वेता से बहुत प्यार करता था और स्वेता को पाना चाहता था,लेकिन आज उसे स्वेता को अपने से दूर होने की वजह बता चली तो उसका दिल बहुत रोया,क्योंकि स्वेता का प्यार ना मिलने का कारन संदीप था,वो अब संदीप के कान भरने लगा,जिससे संदीप स्वेता के करीब ना हो पाए। लेकिन एक दिन मौका देख कर स्वेता ने संदीप को अपने प्यार का इजहार कर ही दिया और आई लव यू बोल दिया,जिसे सुन कर संदीप कुछ देर तक स्वेता को देखता ही रह गया,स्वेता जाते जाते ये भी बोल गयी की वो उससे बहुत प्यार करती है और उसके आई लव यू का जवाब भी उसे चाहिए,सोच कर बताने को बोल गयी।
स्वेता के जाने के बाद संदीप सोचने लगा,तभी नवनीत आया और उसे परेशान देख कर फिर वजह पूछी तो संदीप ने सब कुछ बता दिया। नवनीत ने एक बार फिर संदीप के कान भर दिए और बोला की स्वेता की वजह से वो कभी पढ़ नहीं पायेगा, वो अपने घर से इतना दूर पढ़ने के लिए आया है,सो सिर्फ पढ़ने पर ध्यान दे,वरना आज स्वेता तुम्हे आई लव यू बोली है,कल किसी और को बोलेगी, अगर तुम उससे दिल लगा बैठे तो पढ़ नहीं पाओगे।संदीप को नवनीत की बात सही लगी और एक बार फिर वो पढ़ने पर ध्यान देने लगा, कुछ दिनों तक संदीप स्वेता से अपनी आँखें चुराता रहा,लेकिन एक दिन स्वेता ने अपने परपोजल का उतर माँगा,तो संदीप ने बोला वो पढ़ना चाहता है,इसलिए उसे प्यार नहीं करना,स्वेता ने संदीप को बोला की वो कभी उसके पढ़ाई के बिच में नहीं आएगी,उसका विश्वास करे,अगर तुम नहीं मिले तो मैं जी नहीं पाऊँगी। एक बार फिर संदीप सोच में डूब गया, और इस बार भी नवनीत ने संदीप को समझाया,लेकिन संदीप के दिमाग में सिर्फ एक ही बात घूम रही थी की क्या सच में स्वेता उससे इतना प्यार करती है,उसका दिल कह रहा था की वो स्वेता को हाँ कह दे,लेकिन दिमाग बोल रहा था की ना बोल दे,सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दे,लेकिन दिल और दिमाग की जंग में दिल जित गया और उसने मन बना लिया की वो स्वेता को हाँ बोलेगा,ये बात जब उसने नवनीत को बताई तो नवनीत को बहुत गुस्सा आया,उसने एक बार फिर संदीप को समझाने की कोशिश की साथ ही स्वेता की बुराई की लेकिन संदीप एक बार स्वेता को मौका देना चाहता था,इसलिए उसने नवनीत को बोला की वो कल स्वेता को हाँ बोल देगा . भले ही संदीप ने मन बना लिया था की वो स्वेता को कल हाँ बोलेगा,लेकिन नवनीत की परेशानी बढ़ गयी थी,उसके आँखों के सामने से उसका प्यार जाता दिख रहा था,उसकी समझ में नहीं रहा था की वो कैसे संदीप को मना करे, अगर संदीप हाँ बोल देगा तो स्वेता कभी उसकी नहीं हो पायेगी और वो स्वेता के बिना जी नहीं पायेगा, उसका दिमाग कम नहीं कर रहा था, आखिर उसने अपने प्यार को पाने के लिए एक खतरनाक प्लान बना लिया, उसने संदीप को जान से मारने का प्लान बना लिया,उस स्वेता को पाने का जनून इस हद तक सवार हो गया था की उसे कुछ भी गलत नजर नहीं रहा था,उसे सिर्फ और सिर्फ स्वेता को पाना सूझ रहा था, इसके लिए वो कुछ भी कर गुजरता,इसलिए उसने नवनीत को अपने रास्ते से हटाने का मन बना लिया। उसने सारी तैयारी कर ली और उसी शाम करीब सात बजे उसने संदीप को एक टेलीफोन बूथ से कॉल किया और उसे मिलने के लिए बुलाया,संदीप ने पूछा तुम्हारा मोबाइल कहाँ है तो नवनीत से झूठ बोल दिया को वो डिस्चार्ज हो गया है,इसलिए लाइन लैंड नंबर से कॉल कर रहा है,उसने बोला की उसे स्वेता के बारे में कुछ बताना है,इसलिए उससे कर मिले ।संदीप नवनीत के बताये हुए पते पर चला गया,जहाँ नवनीत ने उसकी हत्या कर दी और उसे पास के कब्रिस्तान में जा कर दफना दिया। कल जब संदीप कॉलेज नहीं गया तो स्वेता की आँखे उसे ढूंढ रही थी,लेकिन कुछ दिन और निकल गए और संदीप नहीं आया,इधर संदीप के मम्मी-पापा गांव से आये तो भी संदीप का कुछ पता नहीं चला,पुलिस ने भी हर संभव कोशिश की लेकिन संदीप का कुछ पता नहीं चला,आखिर संदीप कहाँ चला गया,किसी को कुछ पता नहीं चला।संदीप ने ना होने से स्वेता बहुत उदास रहने लगी,तभी नवनीत स्वेता के जिंदगी में गया और वो स्वेता के नजदीक जाने लगा, उसने स्वेता के दिमाग से संदीप को निकल दिया और अपने आप को संदीप के बदले उसके दिलो दिमाग में समा गया

धीरे-धीरे स्वेता भी संदीप को भूल कर नवनीत के करीब हो गयी,दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे,दोनों ने शादी की बात भी कर ली।अब नवनीत बहुत खुश था,क्योंकि आखिर कार उसे उसका प्यार जो मिल गया था, जिसे उसने दिलो जान से चाहा था उसे पा लिया था,भले ही इसके लिए उसे संदीप का खून ही करना पड़ा,लेकिन आखिर कार उसने स्वेता को पा ही लिया था। इधर संदीप की Aatma सब कुछ देख रही थी। वो चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा था,ना ही उसे मुक्ति मिल पा रही थी, उसकी Aatma भटक रही थी, उसे विश्वास नहीं हो रहा था की नवनीत ने उसके साथ ऐसा किया,जिसे वो अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता था,उसी ने उसको धोखा दिया। उसने स्वेता को पाने के लिए उसकी जान तक ले ली। संदीप की Aatma उससे बदला लेने का सोच रही थी,लेकिन किस तरह उससे बदला लिया जाये,उसकी समझ में नहीं रहा था। इधर स्वेता और नवनीत दोनों की पढ़ाई खत्म हो गयी थी और दोनों ने शादी करने का मन बना लिया था, नवनीत को पास के ही शहर में जॉब लग गयी और वो वहां जा कर जॉब करने लगा। जॉब की वजह से नवनीत को अकेले रहना पड़ रहा था, नवनीत के जाने से एक बार फिर स्वेता अकेली हो गयी और उसे एक बार फिर पुरानी यादें याद आने लगी, संदीप को याद करते ही उसके आँखों से आसूं गए, जिसे देख कर संदीप की Aatma भी रो दी, और संदीप की Aatma का मन किया की वो सब कुछ स्वेता को बता दे,लेकिन भला एक Aatma कैसे स्वेता को सच्चाई बता पाती,इसके लिए संदीप सोचने लगा और उसने मन बना लिया था की वो नवनीत का सच पूरी दुनिया के सामने ला कर रहेगा .जहाँ एक और नवनीत जल्द से जल्द स्वेता के साथ शादी करना चाहता था,वही दूसरी तरफ संदीप नवनीत से अपनी मौत का बदला लेना चाहता था, जबकि स्वेता संदीप को भुला कर नवनीत के साथ जिंदगी जीने का मन बना रही थी। अजीब दास्ताँ थी, जिसमे एक दोस्त ने अपने प्यार को पाने के लिए अपने ही दोस्त की बलि चढ़ा दी थी। वक्त तेजी से बीत रहा था,संदीप सिर्फ और सिर्फ मौके की तलाश कर रहा था,और भगवन ने उसकी सुन ली और उसे एक मौका मिल ही गया,वो मौका उसे स्वेता के जरिये मिला,जब स्वेता अकेले आंसू बहा रही थी,क्योंकि उसके पास ना ही संदीप था जो उसका पहला प्यार था और ना ही नवनीत जो उसे बहुत ही प्यार करता था, स्वेता के आसूं जमी पर गिरे और संदीप उस आसूं में समा गया,तभी उस आसूं को ना जाने नवनीत ने अपने हाथो में समा लिया और स्वेता के आँखों से बहे आसूं को देखते हुए कहा की इन आसूं को आँखों से ना बहने दो, ये टूट कर भी मोती से लगते हैं और मेरे रहते हुए आँखों में आसूं नहीं,चेहरे पर ख़ुशी होना चाहिए। नवनीत को देख कर स्वेता ख़ुशी से समा नहीं पायी और वो नवनीत के गले लग गयी,इधर आसूं में समाये संदीप धीरे-धीरे नवनीत के शरीर में भी प्रवेश कर गया। संदीप ने धीरे-धीरे नवनीत के शरीर पर कब्जा किया,लेकिन वो कुछ कर नहीं पा रहा था क्योंकि स्वेता उसके पास थी, नवनीत के शरीर में जाने के बाद भी वो स्वेता के करीब रहने पर कुछ नहीं कर पा रहा था,शायद ये प्यार का ऐसा असर था, जब नवनीत स्वेता से दूर हुआ तो संदीप ने पाया की वो नवनीत के शरीर से कुछ भी कर सकता है,
इसलिए उसने पहले नवनीत को स्वेता से दूर करने का मन बना लिया,क्योंकि जिस तरह उसने स्वेता के लिए उसकी जान ली थी,उसी तरह वो स्वेता से नवनीत को दूर करने लगा,अब वो ना चाहते हुए भी स्वेता पर इल्जाम लगाने लगा,क्योंकि ये नवनीत नहीं नवनीत के अंदर समायी हुई संदीप की Aatma थी। संदीप की Aatma ने पहले तो नवनीत से उसकी जॉब ले ली,उसके बाद वो स्वेता से उसे दूर करने लगा, नवनीत के घर वाले भी नवनीत की इन हरकतों से परेशान होने लगे और सबसे ज्यादा तकलीफ स्वेता को होने लगी,उसकी समझ में नहीं रहा था की कल तक जो नवनीत उससे इतना प्यार करता था,अचानक आज वो उससे इतना नफरत क्यों करने लगा,साथ उसको जलील भी करने लगा,गालिया भी देने लगा,आखिर नवनीत को हो क्या था? किसी के समझ में कुछ नहीं रहा था,नवनीत के घर वाले परेशान हो कर पूजा-अर्चना शुरू कर दिया,लेकिन नवनीत पर कोई असर नहीं हो रहा था,अब तो नवनीत से सभी नफरत तक करने लगे,स्वेता भी नवनीत से नफरत करने लगी, उसका बदला स्वभाव देख कर तो सभी आस्चर्य करने लगे। नवनीत के मम्मी-पापा को किसी ने बताया की नवनीत पर किसी बुरी Aatma का साया है, इसलिए वो ऐसा कर रहा है, फिर क्या था? साया हटाने वाले को बुलाया गया,ज्यादा तर तो फर्जी ही थे,लेकिन बनारस के एक बाबा ने जब नवनीत के अंदर समायी संदीप की Aatma से बात की तो सारा सच सामने गया, उस दिन नवनीत ने अपनी मुख से सारी बात बता डाली,किस तरह उसने संदीप को बुलाया और किस तरह उसने उसकी हत्या की और कहाँ संदीप की लाश को गाड़ा,और ये सब उसने सिर्फ और सिर्फ स्वेता को पाने के लिए किया,सारा सच जाने के बाद स्वेता को विश्वास नहीं हुआ की वो ऐसे इंसान से प्यार कर रही थी,जिसने उसका प्यार उससे छीना था, नवनीत में समायी संदीप की Aatma से पूछा गया की किस तरह वो नवनीत का शरीर छोड़ेगा तो संदीप की Aatma ने बताया की नवनीत को उसके किये की सजा कानून से मिले और आखिरी बार वो स्वेता के गले लग कर उससे अपने प्यार का इजहार करना चाहता है,जो वो कभी कर नहीं पाया, संदीप की Aatma को ऐसा ही करने दिया और वो वापस वहां से चला गया और नवनीत को संदीप के हत्या करने के जुर्म में सजा हुई,इस तरह संदीप ने अपना बदला पूरा किया।


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